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मां की ममता और पिता का प्यार, रुला देती है इन फिल्मों की कहानी, अब नहीं बनती ऐसी फिल्में

5 most emotional Bollywood film- मां की ममता और पिता का प्यार, रुला देती है इन फिल्मों की कहानी, अब नहीं बनती ऐसी फिल्में

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मां-बाप इस दुनिया की सबसे अनमोल दौलत है, फिर भी लोग इस बात को समझ नही पाते, और उनके बूढ़े हो जाने पर उन्हे छोड़ देते है। गुजरे वक्त मे बॉलीवुड मे कई ऐसी फिल्में बनाई गई है, जिनमें मां की ममता और पिता के प्यार की खूबसूरत झलक देखने को मिलती है। इन फिल्मों की कहानी देखने वाले को रुला देती है। अब बॉलीवुड मे ऐसी फिल्में बहुत ही कम बनाई जाती है, आइये हम आपको ऐसी फिल्मों के बारे मे बताते है।

बेटा

beta
Shemaroo
साल 1992 मे रिलीज हुई इस फिल्म मे अनिल कपूर के साथ माधुरी दीक्षित नजर आई थी। इस फिल्म की कहानी एक ऐसे बेटे की है, जो अपनी सौतेली मां से बहुत प्यार करता है, लेकिन उसकी सौतेली मां सिर्फ उसकी दौलत से प्यार करती है। हालांकि अंत मे सब ठीक हो जाता है, और एक बेटे को उसकी सौतेली मां से भी सच्चा प्यार मिलने लगता है।

सूर्यवंशम

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यह फिल्म साल 1999 मे रिलीज हुई थी, और फिल्म मे अमिताभ बच्चन के साथ सौंदर्या और अनुपम खेर भी नजर आए थे। फिल्म की कॉमेडी तो आपको खूब हंसाएगी, लेकिन फिल्म मे एक बेटा, जो अपनी पूरी जिंदगी सिर्फ इस बात का इंतजार करता है, कि उसके पिता उसे बेटा कहकर बुलाएं। यह एहसास देखने वाले को रुला देता है।

लाडला

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यह फिल्म साल 1994 मे रिलीज हुई थी। इस फिल्म मे अनिल कपूर के साथ श्रीदेवी और रवीना टंडन नजर आई थी। फिल्म की कहानी मे दिखाया गया है, कि एक गरीब घर बेटा जो अपनी मां से बहुत प्यार करता है। हालात उसे अपनी मां से दूर कर देते है। फिल्म मे कई ऐसे इमोशनल सीन है, जो आपकी आंखों से आंसू निकाल सकते है।

माँ

यह फिल्म साल 1991 मे रिलीज हुई थी। इस फिल्म मे जितेंद्र और जयाप्रदा लीड रोल मे है। इस फिल्म की कहानी मे बताया गया है, कि एक मां अपने बच्चे से इतना प्यार करती है, कि मरने के बाद भी वो अपने बच्चे के लिए तड़पती है।

वक्त

waqt

साल 2005 मे रिलीज हुई यह फिल्म इस लिस्ट की सबसे इमोशनल फिल्म है। इस फिल्म मे बताया गया है, कि अगर एक मां-बाप अपने बच्चों को ठुकराते भी है, तो सिर्फ इसलिए कि वो कामयाब हो जाए, और किस तरह एक मां-बाप अपनी बीमारियों और दुखों को छिपाकर अपने बेटे की खुशी के लिए कुछ भी सह लेते है, भले ही उनका बेटा उनसे नफरत ही क्यों न करता हो।


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