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'डीडीएलजे' की 25वीं वर्षगांठ पर फिल्म से जुड़े लोगों ने बताई खास बातें

'डीडीएलजे' की 25वीं वर्षगांठ पर फिल्म से जुड़े लोगों ने बताई खास बातें

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मैं मानती हूं कि 'डीडीएलजे' एक टाइम लेस फिल्म है, क्योंकि हर किसी को सिमरन और राज में कहीं-न-कहीं अपनी झलक दिखती है। मेरे ख्याल से लोग इस फिल्म के किरदारों को दिल से पसंद करते हैं। 'सिमरन' ने बड़े परदे पर महिलाओं की भूमिका को नई पहचान दिलाई। सिमरन अपनी परंपराओं को मानती थी, लेकिन उसका नजरिया काफी मॉडर्न था और इसी वजह से लोगों ने इस किरदार को काफी पसंद किया। 

'डीडीएलजे' की 25वीं वर्षगांठ पर फिल्म से जुड़े लोगों ने बताई खास बातें

शुरू में मुझे लगा था कि सिमरन थोड़ी बोरिंग है, लेकिन मैंने उसकी खूबियों को पहचान लिया। मुझे एहसास हुआ कि लगभग हम सभी के दिल के कोने में कहीं न-कहीं एक सिमरन मौजूद है, जिसे हम जानते हैं। बहुत से लोग हर काम को सही ढंग से पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन उनके मन में ऐसा करने की इच्छा जरूर होती है। आप उस एहसास को महसूस करना चाहते हैं, जिसे आपके दिल ने माना है। आपको दिल से पता होता है कि आप दुनिया में कुछ अच्छा कर रहे हैं। जी हां, ऐसी ही है हमारी सिमरन। हमने बिल्कुल भी नहीं सोचा था कि हम ऐसा कुछ बनाने जा रहे हैं जिसका इतना शानदार इम्पैक्ट होगा।


'इसके बिहाइंड-द- सीन शूट करते करते मैं वीडियोग्राफर ही बन गया'

भारतीय सीने इतिहास की यह पहली ऐसी फिल्म थी, जिसने अपनी मेकिंग को भी प्रोड्यूस किया था। तकनीकी तौर पर तब से उसे 'बिहाइंड द सीन' के नाम से जानते हैं। आदित्य मुझसे 'मेकिंग' को डायरेक्ट करने की पूरी जिम्मेदारी लेने को कहा। कैलिफोर्निया के फिल्म स्कूल से वापस आने के बाद, मैंने फिल्म मेकिंग के एक अन्य पहलू पर अपना हाथ आजमाने का फैसला किया। इसके लिए सबसे पहले हमें सेट के बहुत सारे फुटेज की जरूरत थी और उन दिनों S-VHS के जरिए इस काम को पूरा करना ही एकमात्र कारगर विकल्प था। इसलिए, फिल्म के सेट पर असिस्टेंट की भूमिका निभाने के साथ-साथ मैं बिहाइंड द सीन फुटेज का वीडियोग्राफर भी बन गया।


'मेरे लिए इस फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइन करना सपने जैसा था'

इस फिल्म के कॉस्ट्यूम रियल होने के बावजूद किसी सुंदर सपने की तरह और काफी इंस्पिरेशनल थे किसी भी फिल्म के लिए स्क्रिप्ट उसका सबसे अहम हिस्सा होता है। यह फिल्म और इसके सभी किरदार बिल्कुल रिफ्रेशिंग थे, इसलिए मेरे पास कुछ नया और अनोखा करने का एक सुनहरा मौका था। काम शुरू करते समय ही मैंने मन में यह ठान लिया था कि मैं कुछ ऐसा करूंगा जो दूसरों से अलग हो। मैं कैरेक्टर्स को ऐसा लुक देना चाहता था, जिसकी छवि लोगों के दिलों में हमेशा बरकरार रहे। जब आदित्य ने मुझे फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाई थी तो मुझे बहुत खुशी हुई थी। मेरे लिए तो यह सपने के सच होने जैसा ही था।

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