एक्टर रणदीप हुड्डा ने पूरा किया वादा, पाक जेल में शहीद हुए सरबजीत की बहन दलबीर कौर की अर्थी को दिया कंधा - BackToBollywood

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एक्टर रणदीप हुड्डा ने पूरा किया वादा, पाक जेल में शहीद हुए सरबजीत की बहन दलबीर कौर की अर्थी को दिया कंधा

एक्टर रणदीप हुड्डा ने पूरा किया वादा, पाक जेल में शहीद हुए सरबजीत की बहन दलबीर कौर की अर्थी को दिया कंधा

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दोनों का भाई-बहन का यह रिश्ता इतना पवित्र था कि दलबीर ने रणदीप को मरने पर 'कंधा' देने के लिए कहा था। अभिनेता ने भी दलबीर को वादा किया था कि वह उनकी इस इच्छा को जरूर पूरा करेंगे और अब एक्टर ने अपना ये वादा निभाया। बता दें कि दलबीर कौर अटवाल को शनिवार की आधी रात अमृतसर के निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ गया उन्होंने यहीं अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार रविवार को भिखीविंड में किया गया। इस मौके पर बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने पहुंचकर परिवार के साथ हमदर्दी जताई और दलबीर को अंतिम विदाई दी।

अपना वाजा निभाते हुए एक्टर ने दौरान एक्टर ने ना सिर्फ दलबीर को कंधा दिया बल्कि उन्हें मुखाग्नि भी दी।

साल 1990 में भिखीविंड गांव के रहने वाले सरबजीत सिंह नशे में सीमा पार करके पाकिस्तान चले गए थे। वहां उन्हें पुलिस ने पकड़कर बम धमाकों का आरोपी करार दे दिया। पुलिस ने दावा किया कि सरबजीत सिंह भारत का जासूस है और मनजीत सिंह बनकर वो भारत से पाकिस्तान आया था। पाकिस्तान की अदालत ने भी सरबजीत सिंह को फांसी की सजा सुनाई। इसके बाद उनकी बहन दलबीर कौर ने अपने भाई की वतन वापसी के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी पर वो सफल नहीं हो पाईं।

अप्रैल 2013 में पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद सरबजीत पर जेल के अंदर ही मौजूद कुछ कैदियों ने हमला करके उन्हें बुरी तरह से घायल कर दिया था। हमले के छह दिन बाद अस्पताल में सरबजीत की मौत हो गई थी।

इसके बाद 2016 में सरबजीत के जीवन पर आधारित फिल्म 'सरबजीत' बनी। फिल्म में रणदीप हुड्डा ने सरबजीत और ऐश्वर्या राय बच्चन ने दलबीर कौर की भूमिका निभाई थी। फिल्म 69वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई थी। वहीं बॉक्स ऑफिस पर इसको एवरेज रिएक्शन मिला था।

इसी फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर दलबीर कौर भी मौजूद थीं और वह रणदीप को सरबजीत के किरदार में देख भावुक हो गई थीं। तभी दलबीर कौर ने कहा था, 'मैं रणदीप से कहना चाहती हूं कि उनमें मैंने अपने भाई सरबजीत को देखा है। मेरी एक इच्छा है। मैं रणदीप से वादा लेना चाहूंगी कि जब मैं मरूं तो वह मुझे कंधा जरूर दें। मेरी आत्मा को यह सोचकर शांति मिलेगी कि भाई ने मुझे कंधा दिया। मैं बहुत खुश हूं कि मुझे मेरा भाई रणदीप मिला। फिल्म में वह सिर्फ हीरो ही नहीं मेरे भाई भी हैं।'



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AutoDesk

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