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सत्यार्थी फाउंडेशन: एक दुनिया जहां हर बच्चा सुरक्षित, स्वस्थ और शिक्षित है

हर साल करीब डेढ़ करोड़ बाल विवाह होते हैं जिसकी वजह से हर 10 में से एक लड़की की शादी 15 साल की उम्र से पहले हो जाती है। इसके साथ ही करीब 17 करोड़ बच्चे बाल मजदूरी के जाल में फंस जाते हैं, जिनमें से करीब एक करोड़ बच्चे ऐसी परिस्थिति में काम करते हैं जहां पर सांस लेना भी मुश्किल होता है। शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी पिछले 30 से अधिक वर्षों से बच्चों के खिलाफ हो रही ऐसी नाइंसाफी को खत्म करने में जुटे हुए हैं और साल 2004 में उन्होंने कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन की स्थापना की, जिसके अंतर्गत बच्चों पर हो रहे शोषण के खिलाफ कार्यवाही की जाती है और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा मुहैया कराई जाती हैं।

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हर साल करीब डेढ़ करोड़ बाल विवाह होते हैं जिसकी वजह से हर 10 में से एक लड़की की शादी 15 साल की उम्र से पहले हो जाती है। इसके साथ ही करीब 17 करोड़ बच्चे बाल मजदूरी के जाल में फंस जाते हैं, जिनमें से करीब एक करोड़ बच्चे ऐसी परिस्थिति में काम करते हैं जहां पर सांस लेना भी मुश्किल होता है।
शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी पिछले 30 से अधिक वर्षों से बच्चों के खिलाफ हो रही ऐसी नाइंसाफी को खत्म करने में जुटे हुए हैं और साल 2004 में उन्होंने कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन की स्थापना की, जिसके अंतर्गत बच्चों पर हो रहे शोषण के खिलाफ कार्यवाही की जाती है और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा मुहैया कराई जाती हैं।


Source: Twitter.com
भारत में कैलाश सत्यार्थी बाल संस्था द्वारा कई परियोजनाएं चल रही है जिनमें ‘बाल मित्र ग्राम’, ‘बाल मित्र मंडल’, ‘भारत यात्रा’ और ‘100 मिलियन’ शामिल है। सत्यार्थी संस्था के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ के जरिए 87,000 से ज्यादा बच्चों को शोषण के जीवन से विमुक्त कर चुके हैं और साल 2014 में उन्हें बाल अधिकारों के संरक्षण के कार्य के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
कैलाश सत्यार्थी बाल संस्था बच्चों के लिए एक सुरक्षित, स्वस्थ और शिक्षित दुनिया बनाने के लिए पांच पैमानों पर काम करती है:

1. बाल अधिकारों का संरक्षण

बच्चे किसी भी देश का भविष्य होते हैं और बच्चों के भविष्य को सुधारने के लिए उनके बाल अधिकारों का संरक्षण करना सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। सत्यार्थी संस्था बच्चों पर हो रहे शोषण के खिलाफ कार्यवाही करती है और जरूरतमंद बच्चों को स्वतंत्रता प्रदान करने के साथ उन्हें एक बेहतर शिक्षा और स्वस्थ जीवन मुहैया कराती है।

2. एक वैश्विक पहचान

बच्चों के खिलाफ हो रही हिंसा केवल भारत में ही सीमित नहीं है बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है जिसके लिए कैलाश सत्यार्थी बाल संस्था एक वैश्विक आवाज के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहती है ताकि पूरी दुनिया में इन समस्याओं के खिलाफ अमल किया जा सके। इसके लिए संस्था द्वारा कई अनुसंधान किए जाते हैं और कई आंदोलन का निर्माण होता है।


Source: Satyarthi.org.in

3. नीति का पालन

एक अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने के साथ ही वैश्विक और राष्ट्रीय नीति का पालन किया जाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके अंतर्गत सत्यार्थी संस्था द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीतियों का निर्माण और इनके कार्यान्वयन को सक्षम किया जाता है।

4. क्षमता निर्माण

बच्चों के हित के लिए बनाई जा रही योजनाएं और आंदोलन के परिपालन के लिए हितधारकों की क्षमता का परिपूर्ण होना काफी आवश्यक है और कैलाश सत्यार्थी की यह संस्था सरकार से लेकर व्यावसायिक निगमों और जमीनी संगठनों की क्षमता बढ़ाने पर भी काम करती हैं।


Source: Uttarpradesh.org

5. अंतर्राष्ट्रीय मंच

कैलाश सत्यार्थी बाल संस्था सर्वोत्तम नीतियों के परिपालन, और विभिन्न हितधारकों के बीच भरोसे की कमी को दूर करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय मंच बन कर उभर रही है जिससे दुनिया भर के बच्चों को उत्तम शिक्षा और एक गरिमा भरा जीवन मुहैया कराया जा सके।

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