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इंडियन सिनेमा की वो पहली फिल्म जो Oscar तक पहुंची तो, लेकिन एक वोट से रह गई पीछे


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इंडियन सिनेमा में एक से बढ़कर एक फिल्में बनाई गईं, जिनमें कई फिल्मों को कई बड़े अवॉर्ड्स से नवाजा जा चुका है. इन सब अवॉर्ड्स में ऑस्कर अवार्ड्स (Oscar Awards) का नाम सबसे ऊपर आता है. इस अवॉर्ड का किसी को मिलना किसी सपने से कम नहीं होता. ऐसे में इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की ओर से इस अवॉर्ड के लिए कई नामों को भेजा जाता है. ऐसे ही एक फिल्म थी, जिसका नाम इस अवॉर्ड के सेलेक्ट हो गया था, लेकिन केवल एक वोट की वजह से फिल्म पीछे रह गई. आज हम आपको उसी फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं.

इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बेहतरीन जलवा नरगिस (Nargis) और सुनील दत्त (Sunil Dutt) की फिल्म मदर इंडिया (Mother India) को माना जाता है. इस फिल्म में नई अवॉर्ड्स को अपने नाम किया, लेकिन ऑसर्क से चुका गई वो भी केवल एक वोट से. इस फिल्म की खासियत इसकी स्टोरीलाइन और डायलॉग्स के साथ-साथ ये थी कि इसने देश के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी सफलता का परचम लहरा था. फिल्म की कहानी के साथ-साथ फिल्म के गानों ने भी लोगों का दिल जीत लिया था. कई मायनों में इस फिल्म को तो भारत की सबसे ऐतिहासिक फिल्मों में से भी एक माना जाता है.

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ये फिल्म साल 1957 में रिलीज हुई थी और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड्स तोड़े थे. साथ ही ताबड़तोड़ कमाई की थी. इस फिल्म को महबूब खान (Mehboob Khan) ने निर्देशित किया था. इतना ही नहीं ये फिल्म को भारतीय की धरती पर कई अवॉर्ड्स मिल चुके हैं. साथ ही इस फिल्म को साल ऑस्कर अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म के लिए नॉमिनेट भी कर किया गया था. फिल्म में लीड फीमेल केरेक्टर 'राधा' का किरदार उस दौर की खूबसूरत और फेमस एक्ट्रेस नरगिस (Nargis) ने निभाया था.

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वहीं उनके पति और एक्टर सुनिल दत्त (Sunil Dutt) ने उनके छोटे बेटे का किरदार निभाया था. साथ ही राजेंद्र कुमार (Rajendra Kumar) ने उनके बेटे का किरदार निभाया था. फिल्म की कहानी ने सबका दिल जीत लिया था. ये फिल्म एक ऐसी मां के संघर्ष को दर्शाती है, जिसने जीवन में अकेले होते हुए भी कई कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने बच्चों को पाल को बड़ा किया. साथ ही कभी गलत का साथ नहीं दिया. जब उसके छोटे बेटे ने गलत का साथ देना चाहा तो उसको बलिदान देने से भी वो पीछे नहीं हटी.

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