आतिफ असलम के इस गाने को सुनकर लता दीदी हुई दुखी, कहा किसने दी तुम्हें सहमति - BackToBollywood

This Website is protected by DMCA.com

Popular Posts

Blog Archive

Search This Blog

आतिफ असलम के इस गाने को सुनकर लता दीदी हुई दुखी, कहा किसने दी तुम्हें सहमति

दिलबर-दिलबर, धीरे-धीरे, लैला ओ लैला जैसी कई हिट गाने है जिसे एक बार फिर से बना कर दर्शकों के सामने पेश किया जा रहा है. वैसे हम जैकी भगनानी और कृतिका कामरा की आने वाली फिल्म मित्रों का भी एक गाना ‘चलते चलते यूं ही कोई’ सुनने में आया है जो मीना कुमारी की फिल्में Pakeezah का गाने का रीमिक्स Version है.

<-- ADVERTISEMENT -->


आजकल बॉलीवुड में पुराने गाने को उठाकर उसे REMIX बनाकर लोगों को दिखाने का नया रिवाज सा बनता चला जा रहा है चला जा रहा है. हर कोई पुराने गाने को एक नए अंदाज में पेश करने में जोरों शोर से लगे हुए हैं.


Third party image reference
दिलबर-दिलबर, धीरे-धीरे, लैला ओ लैला जैसी कई हिट गाने है जिसे एक बार फिर से बना कर दर्शकों के सामने पेश किया जा रहा है. वैसे हम जैकी भगनानी और कृतिका कामरा की आने वाली फिल्म मित्रों का भी एक गाना ‘चलते चलते यूं ही कोई’ सुनने में आया है जो मीना कुमारी की फिल्में Pakeezah का गाने का रीमिक्स Version है.


Third party image reference
हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस गाने को आतिफ असलम ने अपनी शानदार आवाज दी है. जहां कुछ लोगों ने इस गाने की जमकर तारीफ की है वही सुरों की मलिका लता मंगेशकर इस गाने को सुनकर काफी निराश हुई है. उन्होंने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि मैं इस गाने को सुनना तक नहीं चाहती हूं.


Third party image reference
यह REMIX का जो ट्रेंड चला है वह मुझे दुखी करता है. किसी का भी गाना उठा लेते हैं. इसमें आपकी प्रतिभा कहां है. सदाबहार गानों में हेरफेर कर देना ठीक नहीं है. मैंने तो यह भी सुना है कि गाने के बोल तक भी बदल दिए जाते हैं. लता दीदी यहीं तक नहीं रुकीं उन्होंने आगे भी कहा, किस की सहमति से यह सब करते हैं?


Third party image reference
किसी कवि और लेखक कीजिए अपनी रचना होती है. किसी को यह हक नहीं है कि उन महान कवियों और कंपोजर की कविताओं- धुनों को अपना बना ले.


Loading...

<-- ADVERTISEMENT -->

Reactions:

backtobollywood

Entertainment

Post A Comment:

0 comments: