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विनोद खन्ना और फिरोज खान की दोस्ती थी बहुत पॉपुलर, दोनों को हुई थी एक जैसी बिमारी और एक ही तारीख को किया दुनिया को अलविदा


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मशहूर सितारे फिरोज खान और विनोद खन्ना उस वक्त फिल्म इडस्ट्री का हिस्सा बने जब बॉलीवुड हिंदी सिनेमा के नाम से जाना जाता था। ये वो दौर था जब हीरो की बॉडी से ज्यादा उसकी एक्टिंग पर ध्यान दिया जाता है। हीरो के डायलॉग इस कदर दमदार हुआ करते थे कि थियटर में बैठे लोगों को सीटियां और तालियां बजाने पर मजबूर कर देते थे। मगर इतेफाक देखिए दोनों ने एक ही तारीख को दुनिया को अलविदा तो किया ही साथ ही दोनों की मौत की वजह भी एक ही बीमारी थी।

फिरोज खान और विनोद खन्ना फिल्म दयावान, कुर्बानी और शंकी शंम्भू में साथ नजर आए थे। साल 1980 में आई फिल्‍म 'कुर्बानी' ने विनोद खन्‍ना के खाते में एक और हिट फिल्म ला दी थी। इस फिल्म में फिरोज खान निर्माता, निर्देशक और एक्टर तीनों भूमिका में थे। इस फिल्म के बाद फिरोज खान और विनोद खन्ना की काफी दोस्ती हो गई थी।

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विनोद खन्ना की तरह फिरोज खान का निधन भी 27 अप्रैल को हुआ था। बस दोनों के निधन के साल अलग-अलग थे। फिरोज खान ने जहां 2009 में दुनिया को अलविदा कहा था, तो वहीं विनोद खन्ना ने इसके 8 साल बाद 2017 में आखिरी सांस ली। फिरोज खान और विनोद खन्ना की मौत कैंसर की वजह से हुई। फिरोज को जहां लंग यानी फेफड़े का कैंसर था, वहीं विनोद खन्ना ब्लैडर कैंसर से जूझ रहे थे।

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अफगान पिता और ईरानी माँ के घर 25 सितंबर 1939 में जन्मे फिरोज ने वर्ष 1960 में 'दीदी' फिल्म से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। तो वहीं विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्टूबर 1946 में पंजाबी हिंदू परिवार में पेशावर के ब्रिटिश भारत (अब पाकिस्तान) में हुआ था। उनके जन्म के अगले साल ही 1947 में भारत और पाकिस्तान का विभाजन हो गया जिसके बाद उनका परिवार पेशावर से मुंबई आ गया था। उन्होंने अपने फ़िल्मी सफर की शुरूआत 1968 में आयी फ़िल्म 'मन का मीत' से की जिसमें उन्होंने एक खलनायक का अभिनय किया था। कई फ़िल्मों में उल्लेखनीय सहायक और खलनायक के किरदार निभाने के बाद 1971 में उनकी पहली एकल हीरो वाली फ़िल्म 'हम तुम और वो' आयी।

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साल 2007 में अनीस बज्मी के डायरेक्शन में बनी 'वेलकम' फिरोज खान की आखिरी रिलीज थी। तो वहीं विनोद खन्ना आखिरी बार 2015 में शाहरुख खान की फिल्म 'दिलवाले' में नजर आए थे।

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