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Anupama 12th August written: तोषो ने पार की बदतमीजी की सारी हदें, वनराज ने थप्पड़ जड़कर बताया बेटे का फर्ज


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नई दिल्ली। अनुपमा सीरियल में जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल है। अनुपमा के परिवार में फूट पड़ चुकी है। पहले जहां काव्या को लेकर घर में बहस होती है। तभी वहां तोषो अपने अपने पूरे परिवार से बदतमीजी करते हुए अपनी सारी हदें पार कर देता है। घर छोड़ने की जिद्द में तोषो बड़े और छोटे हर की बेइज्जती करता है। जिसके बाद वनराज का गुस्सा फूट जाता है। जानिए आज रात सीरियल अनुपमा के लेटेस्ट एपिसोड में क्या होगा।

तोषो ने की परिवार वालों के साथ बदतमीजी

वनराज और तोषो में बहस बढ़ जाती है। किंचल तोषो को रोकती है और कहती है कि वो हद पार कर रहा है। तोषो एक के बाद एक परिवार वालों की खामियां गिनवाता है। तोषो समर को कहता है कि वो अपने दोस्तों को नहीं बता सकता कि वो डांस करता है। तोषो नंदनी से कहता है कि अभी तक उसकी शादी नहीं हुई है, लेकिन फिर भी वो पूरे दिन घर पर रहती है। तोषो पाखी से कहता है कि वो घर में सबसे जिद्दी लड़की है। वहीं तोषो कहता है कि किंचल ने उस लड़की से शादी की थी। जो ग्लैमरस थी, लेकिन उसे भी सबने बहनजी बना दिया।

वनराज ने जड़ा बेटे तोषो थप्पड़

तोषो अनुपमा से कहता है कि उनमें से पहले मसाले की बदबू आती है। पापा पहले उन्हें मसालेदानी कहते थे। वहीं अब वो डांस सीखाने लगी तो उनका पसीना और मसाले की बदबू मिक्स होकर एक कॉम्बिनेशन बनता है। ये सुनकर वनराज का गुस्सा फूट जाता है और वो उसे जोदार थप्पड़ लगा देता है। वनराज तोषो को समझाता है कि जो गलतियां उसने की वही वो भी कर रहा है। वनराज कहता है कि वो मानता है कि वो अच्छा पति और बाप नहीं बन पाया, लेकिन उसे अच्छा बेटा होने पर गर्व है।

वनराज ने दी तोषो को अच्छा बेटा बनने की सलाह

वनराज कहता है कि समर आज उसकी परवरिश पर हंस रहा होगा कि ये आपका बड़ा बेटा है? वनराज तोषो को याद दिलाता है कि जब वो 10 साल तक बिस्तर गिला करता था। तब उन्हें शर्म नहीं आती थी। जब वो रेस में हमेशा लास्ट आता था। तब उन्हें शर्म नहीं आती थी। वनराज कहता है कि बॉ और बाबू जी हम सबके लिए हमेशा खुद को बदलते रहे। ये दिखाने के लिए वो रेस में जीता है। हमेशा खुद हार जाते थे। वनराज तोषो से कहता है कि उसने सारी बुरी बातें सीख लीं उससे, लेकिन कम से कम एक अच्छा बेटा बनना तो सीख लेता।

किंचल ने की तोषो को समझाने की कोशिश

वनराज तोषो को घर से जाने को कहता है। वनराज तोषो से कहता है कि वो यहां रहकर भी खुश नहीं रह पाया। तो वो वहां भी जाकर नहीं रह पाएगा। तोषो कहता है कि वो यहां कर भी वो खुश नहीं है। तोषो अपने कमरे में जाता है। किंचल सभी से माफी मांगती है और तोषो के पास जाती है। किंचल तोषो को कहती है कि उसे बुरा नहीं लगा? जब हम बदतमीजी करते हैं तो वो हो हमारे दिल को पता होता है? किंचल तोषो को समझाती है कि उसने उसके पास कोई ऑप्शन नहीं छोड़ा है। तोषो कहता है कि वो उसे फोर्स नहीं करेगा। उसे आना चाहिए तो आए। लेकिन वो ध्यान दें कि वो साथ रही है।

बॉ-बाबू जी ने की घर से दूर जाने की बात

बॉ, बाबू जी और मामा जी तोषो के बर्ताव को लेकर काफी दुखी होते हैं। बॉ कहती है कि उसे बोलने से पहले सोचना चाहिए। साथ ही अब वो कम बोलने की कोशिश करेंगी। मामा जी कहते हैं कि वो भी भूल जाते हैं कि वो बस मेहमान है? बाबू जी वनराज के परिवार को साथ में रखने के लिए घर से दूर जाने की बात कहते हैं। बाबू जी कहते हैं कि वो बच्चों से दूर अपने दूसरे घर में चलें जाएंगे। ये सुनकर वनराज और अनुपमा हैरान हो जाते हैं।

वनराज-अनुपमा ने रोका बा-बाबू जी को

वनराज और अनुपमा बॉ-बाबू जी को जाने से रोकते हैं। वनराज कहता है कि बेटा जा रहा है, लेकिन वो भी चलें जाएंगे। तो परिवार टूट जाएगा। वनराज कहता है कि उसके बूढ़ें माता-पिता इस उम्र में अपने परिवार को होते हुए भी अलग रहें तो ये उनके लिए शर्मिंदगी की बात होगी। ये काव्या देख लेती है और कहती है कि घर में तमाशा और फिर इमोशनल ड्रामा। काव्या शुक्र मनाती है कि पाखी वाला किस्सा तोषो के गुस्से की वजह से छुप गया। काव्या फैसला लेती है कि वो अपनी नौकरी पर फोक्स करेगी। साथ ही घर से जो भी जाएगा उसका ही फायदा होगा।

( Precap- अनुपमा और वनराज फैसला लेते हैं कि तोषो और किंचल को खुशी-खुशी घर से विदा करेंगे। अनुपमा तोषो और किंचल की आरती कर उन्हें घर से विदा करती है। जिसके बाद अनुपमा घर से बच्चों को जाता देख टूट जाती है। )

 




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